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हमारा नाम, हमारी पहचान और हमें जोड़ने वाले रिश्ते।

हमारी जड़ों से एक कहानी

रिश्तों से बना हमारा परिवार

जाट समुदाय की लुहाच परंपरा में पीढ़ियों और दूर-दूर तक बसे परिवारों की कहानियाँ हैं। सेवानिवृत्त कर्नल कर्मबीर सिंह लुहाच इन्हें वंशावलियों में संजोकर बिरादरी को जोड़ने की मुहिम आगे बढ़ा रहे हैं।

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रिश्तों से बना हमारा परिवार
हमारे संग्रह से
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पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार लुहाच वंश का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा है और यह उत्तरी भारत के कई गांवों में फैला हुआ है।

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सेवानिवृत्त कर्नल कर्मबीर सिंह के प्रयासों से गांवों की पहचान, सम्मेलन का आयोजन और वंशावली का डिजिटलीकरण किया गया।

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लुहाच वंश का इतिहास और सामुदायिक पहल

अभिलेख के अनुसार लुहाच वंश प्राचीन मूल का है और आज हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के गांवों में विस्तृत है। सेवानिवृत्त कर्नल कर्मबीर सिंह द्वारा शुरू की गई मुहिम से 2021 में मिलन समारोह आयोजित हुआ और वंशावली के डिजिटलीकरण तथा पुस्तक लेखन की प्रक्रिया शुरू हुई।

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सहयोगी और उनके स्थान का उल्लेख

इस खंड में कर्नल कर्मबीर सिंह लुहाच (गांव गुगाहेड़ी, रोहतक, हरियाणा) और चरन सिंह लुहाच (गांव नगला उग्रसैन, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश) के नामों व स्थानों का उल्लेख है।

हर परिवार की कहानी मायने रखती है।

अपने गाँव की जानकारी, परिवार का छूटा हुआ रिश्ता या किसी प्रियजन की स्मृति साझा करें।

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