परंपरा
वंश की उत्पत्ति से जुड़ी कथाएँ (जैसे माउंट आबू और अग्निकुंड की कथा) पुस्तक में परंपरा के रूप में दर्ज हैं। पुस्तक स्वयं कहती है कि 860 ईस्वी तक लिखित प्रमाण नहीं है। इन्हें इतिहास के प्रमाण की तरह नहीं, परंपरा की तरह पढ़ें।
स्रोत: P3, P17नाँधा से अलग-अलग गाँवों तक लुहाच परिवारों का प्रवास—पुस्तक में दर्ज रूप में, स्रोत के साथ। परंपरा, लेखक की कालगणना और दर्ज वंशावली को यहाँ अलग-अलग दिखाया गया है।
वंश की उत्पत्ति से जुड़ी कथाएँ (जैसे माउंट आबू और अग्निकुंड की कथा) पुस्तक में परंपरा के रूप में दर्ज हैं। पुस्तक स्वयं कहती है कि 860 ईस्वी तक लिखित प्रमाण नहीं है। इन्हें इतिहास के प्रमाण की तरह नहीं, परंपरा की तरह पढ़ें।
स्रोत: P3, P17लाल सिंह द्वारा नाँधा की नींव (865 ईस्वी, वि.सं. 922) और 1500 से 1875 तक की निकासी की सारणी बही-भाटों के अभिलेखों के आधार पर लेखक ने दी है। ये तिथियाँ लेखक के हवाले से दिखाई जाती हैं; जहाँ पुस्तक में दो रूप हैं, दोनों रखे गए हैं।
स्रोत: P5, P105, P114–P130वंशावली देखने वाले में 10,061 नाम और पिता से संतान की 10,060 दर्ज कड़ियाँ हैं। रिश्ते केवल इन्हीं दर्ज कड़ियों से दिखाए जाते हैं। पीढ़ी-संख्या से किसी व्यक्ति की तिथि नहीं निकाली जाती, और छूटी कड़ी अनुमान से नहीं जोड़ी जाती।
स्रोत: Master genealogy, 31 Dec 2025स्रोत: कर्नल कर्मबीर सिंह लुहाच, 'लुहाच वंश का इतिहास', 21 May 2025, सारणी P114–P130। यह योजनात्मक चित्र है: स्तंभ दर्ज वर्ष दिखाते हैं; दूरी और दिशा वास्तविक नहीं हैं।
पहला विस्थापन 20वीं पीढ़ी के तीन भाइयों ने किया: पहाड़ सिंह पैंतावास गए; भैराज और गूगन नाँधा से महम होते हुए फरमाना, फिर मोहला आए; बाद में गूगन गिरावड़ (रोहतक) गए। (P113)
मूल अभिलेख चुपचाप नहीं बदले जाते। जहाँ पुस्तक में दो रूप हैं, दोनों दिखाए जाते हैं।
केवल वही 16 गाँव दिखाए गए हैं जिनके निर्देशांक किसी नामित सार्वजनिक स्रोत (Wikidata / OpenStreetMap) से ज़िले सहित मिलान करके सत्यापित हुए। स्थान अनुमानित हैं; प्रशासनिक सीमाएँ नहीं दिखाई गई हैं। रंग पुस्तक की सारणी में दर्ज निकासी-वर्ष दिखाता है।
मूल गाँव नाँधा का स्थान किसी सार्वजनिक मानचित्र-स्रोत में सत्यापित नहीं मिला, इसलिए उसका बिंदु नहीं लगाया गया। गाँवों का क्रम और संबंध ऊपर के योजनात्मक चित्र में देखें।
इनके लिए कोई सार्वजनिक स्रोत ज़िले सहित स्पष्ट रूप से नहीं मिला, या एक ही नाम के कई स्थान मिले। अनुमान से बिंदु नहीं लगाया गया।
निर्देशांक: Wikidata (CC0) और OpenStreetMap योगदानकर्ता (ODbL)। हर क्रमांक अपने स्रोत से जुड़ा है। जाँच: 13.10.2026
पुस्तक (P5) और मास्टर वंशावली दोनों में 46 गाँव हैं। वेबसाइट के पुराने संग्रह में 56 गाँव-लेख हैं, जो वर्तनी मिलाने पर 46 गाँवों के हैं। अतिरिक्त लेख दोहराए गए, खाली, अंग्रेज़ी में लिखे या दूसरे ज़िले के नाम से दर्ज हैं; कोई लेख हटाया नहीं गया। सभी गाँव-लेख देखें →
लुहाच परिवार मिलन समारोह के बैनर पर बना यह चार्ट नाँधा से गाँवों की शाखाएँ दिखाता है। यह भंडोली गाँव के तस्वीर-संग्रह में सुरक्षित है।
यह क्रम वेबसाइट के वास्तविक नियमों पर आधारित है। पहचान की पुष्टि (चरण 3) और जानकारी के प्रस्ताव (चरण 4–6) अलग-अलग जाँचे जाते हैं।
वयस्क सदस्य निमंत्रण से खाता बनाते हैं। नई प्रोफ़ाइल और बच्चों की जानकारी शुरू से निजी रहती है।
सदस्य बताते हैं कि अभिलेख में कौन-सी प्रविष्टि उनकी है (स्वयं, अभिभावक या संबंधी) और जाँच कैसे हो सकती है।
कोई दूसरा प्रशासक जाँच का आधार और कारण दर्ज करता है। कोई भी अपना अनुरोध स्वयं स्वीकृत नहीं कर सकता; यह कभी अपने-आप स्वीकृत नहीं होता।
सत्यापित सदस्य स्रोत सहित माता, बेटी, पति/पत्नी या अन्य छूटा रिश्ता जोड़ने का प्रस्ताव देते हैं।
सात दिन तक परिवार आपत्ति कर सकता है। आपत्ति आने पर प्रशासक दोनों पक्ष देखकर निर्णय लेते हैं।
बिना आपत्ति वाला योग्य प्रस्ताव समय-सीमा पूरी होने पर स्वीकार होता है; हर स्वीकृति का स्रोत और लॉग रहता है और उसे वापस भी लिया जा सकता है। प्रस्तावक की पहचान सत्यापित न हो तो प्रस्ताव रुका रहता है, और बच्चे की जानकारी पर हमेशा प्रशासक निर्णय लेते हैं।
ध्यान दें: किसी व्यक्ति का नाम केवल नाम या गाँव मिलने से नहीं जोड़ा जाता। प्रमाण के बिना कोई पहचान या रिश्ता नहीं बनाया जाता।
किसी गाँव या परिवार की जानकारी छूटी है? स्रोत के साथ अनुरोध भेजें।
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