हमारी साझा धरोहर

हमारे गाँव

हर गाँव का अपना रंग। अपनी मिट्टी की कहानी खोजिए।

हमारी जड़ों से एक कहानी

कादराबाद

बिजनौर · उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित कादराबाद गाँव 1954 में पूर्व सैनिकों को बसाकर आबाद किया गया था। इस संग्रह में गाँव की बुनियादी सुविधाओं, उसकी नींव और हरियाणा के गिरावड़ से आकर बसे लुहाच परिवार की यादें संजोई गई हैं।

12 अनुच्छेद0 तस्वीरेंगाँव की वंशावली →
01

में जंगल साफ करके 150 पूर्व सैनिकों को जमीन देकर कादराबाद गाँव बसाया गया था।

02

गाँव में मंदिर, गुरुद्वारा, सरकारी स्कूल, अस्पताल और रामगंगा नहर से सिंचित उपजाऊ भूमि उपलब्ध है।

03

हरियाणा के गिरावड़ गाँव से पूर्व सैनिक मुंशी राम लुहाच यहाँ बसे, जिसके बाद उनका परिवार भी यहाँ आकर बस गया।

01

कादराबाद गाँव की स्थापना और सुविधाएँ

1954 में बिजनौर के जंगलों को साफ कर 150 पूर्व सैनिकों को खेती और आवास के लिए जमीन देकर कादराबाद गाँव बसाया गया। इस गाँव में मंदिर, गुरुद्वारा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं और इसकी उपजाऊ जमीन रामगंगा नहर से सिंचित होती है।

02

मुंशी राम लुहाच का आगमन

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद मुंशी राम लुहाच को योजना के तहत कादराबाद में 50 बीघा जमीन मिली और वे यहाँ आकर बस गए। वृद्ध और निःसंतान होने के कारण उन्होंने अपने भाई के बेटे मौजी राम को अपने पास बुला लिया।

03

परिवार का विस्तार और वर्तमान स्थिति

जून 1971 में मौजी राम का परिवार गिरावड़ से कादराबाद आ गया और कड़ी मेहनत से उन्होंने अतिरिक्त जमीन खरीदी। वर्तमान में इस परिवार के पास 95 बीघा जमीन है और गाँव में चार लुहाच परिवार रहते हैं।

हर परिवार की कहानी मायने रखती है।

अपने गाँव की जानकारी, परिवार का छूटा हुआ रिश्ता या किसी प्रियजन की स्मृति साझा करें।

सदस्य बनें / लॉगिन करेंवंशावली खोलें