हमारी साझा धरोहर

हमारे गाँव

हर गाँव का अपना रंग। अपनी मिट्टी की कहानी खोजिए।

हमारी जड़ों से एक कहानी

नली हुसैनपुर

हापुड़ · उत्तर प्रदेश

हापुड़ जिले का नली हुसैनपुर गाँव अपनी भौगोलिक स्थिति और पुरातात्विक धरोहर के लिए पहचाना जाता है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, इस बस्ती का नाम एक पुराने खेड़े से जुड़ा है, जहाँ लुहाच वंश सहित कई गोत्र आकर बसे।

42 अनुच्छेद6 तस्वीरेंगाँव की वंशावली →
नली हुसैनपुर — सामूहिक आयोजन

सामूहिक आयोजन · हमारे संग्रह से 1 / 3

01

गाँव में के जल कार्य की खुदाई में सिक्के और बर्तन मिलने से पुराने कस्बे के अवशेष होने का अनुमान है।

02

अभिलेखों के अनुसार नाँधा से आए लुहाच वंश के परिवारों ने नली हुसैनपुर और आसपास के गाँवों में बस्तियाँ बसाईं।

01

गाँव का परिचय और भूगोल

नली हुसैनपुर हापुड़ जिले में स्थित मध्यम आबादी वाला गाँव है जो सड़क और रेल मार्गों से जुड़ा हुआ है। यहाँ विभिन्न गोत्रों के लोग निवास करते हैं।

02

पुरातात्विक खेड़ा और कुचेसर रियासत

गाँव के निकट पूर्व में स्थित पुराने खेड़े की खुदाई में पुराने सिक्के और बर्तन मिले थे। निकटवर्ती कुचेसर रियासत दलाल गोत्र के राजा के अधीन थी।

03

नाँधा से प्रारंभिक जत्थों का आगमन

नाँधा से आए जत्थों के सदस्य अलग-अलग पीढ़ियों में नली हुसैनपुर और निकटवर्ती क्षेत्रों में आकर बसे। इनमें साहब सिंह और राम सिंह के परिवार शामिल थे।

04

पारिवारिक विस्तार और स्थानीय विस्थापन

भगवाना राम और बृजराज के वंशजों के कुछ सदस्य नली हुसैनपुर में रहे जबकि अन्य गढ़ी गुलडहर और अमरपुर जैसे गाँवों में चले गए।

05

यमुना पार प्रवास और निकटवर्ती पड़ाव

जीवनयापन की अनुकूल परिस्थितियों की खोज में कई भाई कुचेसर क्षेत्र पहुंचे और विभिन्न गाँवों में विभाजित होकर बस गए।

06

वंशावली विवरण और शाखाओं का पुनर्मिलन

वंशावली के अनुसार नैन सिंह और ज्ञाना राम की शाखाओं के सदस्य नली हुसैनपुर में फिर बसे। बाद में यहाँ से कुछ परिवार गढ़ीगुलडहर और अमरपुर स्थानांतरित हुए।

हर परिवार की कहानी मायने रखती है।

अपने गाँव की जानकारी, परिवार का छूटा हुआ रिश्ता या किसी प्रियजन की स्मृति साझा करें।

सदस्य बनें / लॉगिन करेंवंशावली खोलें