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हमारी जड़ों से एक कहानी

मोहला

हिसार · हरियाणा

हिसार जिले का मोहला गाँव अपनी खास बसावट और ऐतिहासिक यादों के लिए जाना जाता है। गाँव की मौखिक परंपरा पन्नू और लुहाच परिवारों के यहाँ बसने और संकट के समय एक-दूसरे के साझे बचाव की कहानी बयाँ करती है।

13 अनुच्छेद0 तस्वीरेंगाँव की वंशावली →
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मोहला गाँव हिसार, जींद और रोहतक जिलों की सीमा पर स्थित है और इसमें 1800 एकड़ नहरी जमीन शामिल है।

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परंपरा के अनुसार, पन्नू परिवार को जमीन खरब परिवार से मिली थी, जिन्होंने बाद में सुरक्षा के लिए लुहाच परिवार को आमंत्रित किया।

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आपसी समझौते के तहत जमीन का बँटवारा कर दोनों परिवारों ने मिलकर पड़ोसी उपद्रवियों का सामना किया।

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मोहला गाँव का परिचय और संरचना

मोहला गाँव हिसार जिले में तीन जिलों की सीमा पर स्थित एक बड़ा गाँव है। यहाँ सुंदर ब्रांच नहर से सिंचाई होती है और गाँव में विद्यालय, अस्पताल तथा अन्य जनसुविधाएं मौजूद हैं।

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पन्नू और लुहाच परिवारों का इतिहास

उगालन के खरब परिवार ने अपने भांजे पन्नू परिवार को मोहला में जमीन देकर बसाया था। पूठी गाँव के तत्वों से परेशान होकर पन्नू परिवार ने नाँधा से आए लुहाच भाइयों को मोहला में बसने के लिए आमंत्रित किया।

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भूमि बँटवारे की शर्तें

लुहाच परिवार ने कुल जमीन में 60 प्रतिशत हिस्से की शर्त रखी जबकि 40 प्रतिशत पन्नू परिवार के पास रहा। पन्नू परिवार ने उन्हें पूठी गाँव की सीमा की तरफ की जमीन देने का निर्णय लिया।

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गाँव की सुरक्षा और भाईचारा

दोनों लुहाच भाइयों के आने से गाँव की ताकत बढ़ी और उन्होंने पूठी के उपद्रवियों का सामना कर गाँव को सुरक्षित किया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में भाईचारा स्थापित हुआ और बाद में गूगन सिंह गिरावड़ गाँव चले गए।

हर परिवार की कहानी मायने रखती है।

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