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रिटौली

रोहतक · हरियाणा

रोहतक जिले का रिटौली गाँव अपनी सामाजिक बनावट और बुनियादी सुविधाओं के लिए जाना जाता है। गाँव के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि यहाँ के लुहाच परिवार करीब 1860 ईस्वी में मारोत गाँव से आकर बसे थे।

9 अनुच्छेद4 तस्वीरेंगाँव की वंशावली →
रिटौली — सामूहिक आयोजन

सामूहिक आयोजन · हमारे संग्रह से 1 / 2

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रिटौली गाँव का रकबा 4000 बीघा और आबादी लगभग 4000 है, जिसमें सिगरोहा, कालीरमण और लुहाच गौत्र शामिल हैं।

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अभिलेख के अनुसार, प्रेम सुख लुहाच लगभग ईस्वी में मारोत से रिटौली आए थे और उनकी ससुराल से मिली भूमि से यह परिवार यहाँ स्थापित हुआ।

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गाँव का परिचय एवं संरचना

रिटौली रोहतक जिले का एक गाँव है जिसकी सीमाएँ डीघल, बालन्द, सुण्डाणा और कबूलपुर से मिलती हैं। यहाँ नहर से सिंचित भूमि, विभिन्न गोत्रों के पाने तथा स्कूल, डिस्पेंसरी और चौपाल जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं।

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लुहाच गौत्र का इतिहास और वंशावली

परंपरा के अनुसार, प्रेम सुख लुहाच 1860 के आसपास मारोत से यहाँ आए थे और उनकी पत्नी सुधी कुमारी को पैतृक जमीन मिली थी। उनके वंशज सात पीढ़ियों से यहाँ बसे हैं और कई सदस्य विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं।

हर परिवार की कहानी मायने रखती है।

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