बदरखा सिरवास
बुलन्दशहर · उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जिले की शिकारपुर तहसील में बदरखा सिरवास गाँव स्थित है। अभिलेखीय पन्ने यहाँ के परिवेश, बुनियादी सुविधाओं और बसे हुए लुहाच परिवार के पारंपरिक इतिहास की झलक देते हैं।
गाँव का कुल रकबा लगभग 52,000 बीघा और आबादी लगभग 3,500 लोगों की दर्ज है।
गाँव में 4 मन्दिर, 1 तालाब, 1 आंगनवाड़ी और 1 उच्च माध्यमिक विद्यालय मौजूद हैं।
परंपरा के अनुसार, लुहाच परिवार भैसाखुर गाँव से आकर यहाँ बसा और 100 बीघा जमीन का स्वामित्व प्राप्त किया।
गाँव का परिचय और भूगोल
बदरखा सिरवास बुलन्दशहर की शिकारपुर तहसील का एक गाँव है, जो पक्की सड़कों से आसपास के गाँवों से जुड़ा है। यहाँ 3,500 की आबादी, समतल उपजाऊ जमीन और विद्यालय सहित बुनियादी सुविधाएँ मौजूद हैं।
अतिरिक्त संदर्भ
इस खंड में मूल पाठ के रिक्त अंश शामिल हैं।
लुहाच परिवार का पारंपरिक इतिहास
अभिलेख के अनुसार, लुहाच परिवार भैसाखुर गाँव से आकर यहाँ बसा। उन्होंने मेहनत से 100 बीघा जमीन खरीदी और वर्तमान में उनकी 38वीं पीढ़ी चल रही है।
01गाँव का परिचय और भूगोल
बदरखा सिरवास गाँव का इतिहास
बदरखा सिरवास गाँव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जिले की शिकारपुर तहसील का एक मध्यम आबादी वाला गाँव है। यह जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर और तहसील मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके पूर्व में रामनगर बीकूपूर, पश्चिम में कुँवरपुर, उत्तर में अहमदपुर, उत्तर पश्चिम में बरोला, उत्तर पूर्व में कीरतपुर और दक्षिण में विशालू गाँव की सीमा लगती है। इन सब गाँवों से पक्की सड़क से सम्पर्क है। इस गाँव का कुल रकबा लगभग 52000 बीघा है जिसमें से लुहाच गौत्र के पास 100 बीघा जमीन है। जमीन समतल और उपजाऊ है। सिचाई के लिए ट्यूबवेल मुख्य स्रोत है। इस गाँव की कुल आबादी लगभग 3500 लोगों की है जिसमें से लुहाच गौत्र के 20 लोग हैं। इस गाँव में लुहाच के अलावा तेवतिया, राजौरा और मलिक गौत्र के लोग हैं जिसमें तेवतिया गौत्र के लोगों की तादाद ज्यादा है। इस गाँव में 4 मन्दिर, 1 तालाब, 1 आंगनवाड़ी और 1 उच्च माध्यमिक विद्यालय है।
02अतिरिक्त संदर्भ
03लुहाच परिवार का पारंपरिक इतिहास
बदरखा सिरवास के लुहाच प्रथम पुरुष की निकासी बुलन्दशहर जिले के भैसाखुर गाँव से हुई थी। भैसाखुर गाँव की वंशावली के मुताबिक 5 वीं पीढ़ी के तेज सिंह के चार बेटे थे।तीनों बड़े बेटे हरी सिंह, अमी सिंह और भागमल सिंह भैसाखुर में ही रह गए जबकि छोटा भाई देशराज अपने सात बेटों के साथ 1981 ईस्वी में बदरखा सिरवास में आ गए। यहाँ उसने पहले 50 बीघा जमीन खरीद ली और बाद में मेहनत करके सभी भाइयों ने 50 बीघा जमीन और खरीद ली। इस प्रकार आज लुहाच परिवार के पास इस गाँव में 100 बीघा जमीन है। इस गाँव में लुहाच परिवार की 38 वीं पीढ़ी चल रही है।
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