बाबूखेड़ा
सम्भल · उत्तर प्रदेश
सम्भल जिले का बाबू खेड़ा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक पारंपरिक गाँव है। स्थानीय दस्तावेजों के अनुसार, यहाँ लुहाच और कांग गोत्र के परिवार मिल-जुलकर रहते हैं, और इस बस्ती के ऐतिहासिक रिश्ते ज्ञानपुर गाँव की पुरानी वंशावली से सीधे जुड़ते हैं।
सम्भल जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर स्थित इस गाँव की आबादी लगभग 4000 है और कुल रकबा 5000 बीघा है।
गाँव में उपजाऊ समतल भूमि, नलकूप व रजबाहे से सिंचाई की सुविधा और एक प्राथमिक विद्यालय मौजूद है।
पारंपरिक वंशावली के अनुसार, 1930 में हमीर सिंह अपनी ससुराल बाबू खेड़ा आकर बसे थे और वर्तमान में यहाँ लुहाच परिवार की 38वीं पीढ़ी है।
गाँव का परिचय और भूगोल
बाबू खेड़ा सम्भल जिले में स्थित लगभग 4000 की आबादी वाला गाँव है, जिसके चारों ओर पक्की सड़कों से जुड़े पड़ोसी गाँव हैं। यहाँ की 5000 बीघा जमीन समतल व उपजाऊ है, जिसमें सिंचाई के साधन और एक प्राथमिक स्कूल भी स्थित है।
पारिवारिक इतिहास और वंशावली
ज्ञानपुर की वंशावली के अनुसार, 1930 में हमीर सिंह अपनी पत्नी को पैतृक अधिकार मिलने के बाद बाबू खेड़ा आकर बस गए थे। वर्तमान में इस गाँव में लुहाच परिवार की 38वीं पीढ़ी निवास कर रही है।
01गाँव का परिचय और भूगोल
बाबू खेड़ा गाँव का इतिहास
बाबू खेड़ा गाँव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले का एक मध्यम आबादी का गाँव है। यह जिला मुख्यालय से 16 किलो मीटर दूर स्थित है। इसके पूर्व में गंगदासपुर, दक्षिण में फतेहपुर सत्ता,पश्चिम में सैदपुर गंगू और उत्तर में दरियापुर गाँव की सीमा लगती है। सब गाँवों से पक्की सड़क से संपर्क है। इस गाँव की कुल आबादी लगभग 4000 लोगों की है इसमें लुहाच परिवार के 12 लोग रहते हैं। इस गाँव में लुहाच के अलावा कांग गौत्र के लोग भी रहते हैं। गाँव का कुल रकबा 5000 बीघा है। लुहाच परिवार के पास 70 बीघा जमीन है। जमीन समतल और उपजाऊ है। सिंचाई ट्यूबवैल और रजबाहा से होती है। इस गाँव में 1 प्राथमिक स्कूल भी है।
02पारिवारिक इतिहास और वंशावली
ज्ञानपुर गाँव की वंशावली के मुताबिक पीढ़ी संख्या 34 से हमीर सिंह सपरिवार 1930 ईस्वी में अपनी ससुराल आकर बस गए थे। हमीर सिंह की शादी बाबू खेड़ा में हुई थी। उसकी पत्नी के कोई भाई नहीं था। इस लिए उसकी पत्नी अपने पिता की मालिकाना हकदार बन गई थी। इसी लिए हमीर सिंह का परिवार बाबू खेड़ा में बस गया था। बाबू खेड़ा में इस समय लुहाच परिवार की 38 वीं पीढ़ी चल रही है।
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