दरियापुर
सम्भल · उत्तर प्रदेश
सम्भल जिले में स्थित दरियापुर कई बिरादरियों और गोत्रों का आशियाना है। अभिलेखीय पन्नों में ज्ञानपुर से आए लुहाच परिवार की रिहाइश का ब्योरा सुरक्षित है, जो यह दिखाता है कि यह गाँव कैसे अलग-अलग परिवारों के मेल से आकार लेता गया।
दरियापुर गाँव का कुल रकबा 4000 बीघा और आबादी लगभग 3000 है, जहाँ 1956 और 1992 में चकबंदी हुई थी।
ज्ञानपुर की वंशावली के अनुसार, जहांगीर लुहाच की पत्नी छन्नों देवी 1930 में अपने पैतृक हक की जमीन मिलने पर परिवार सहित यहाँ बसी थीं।
दरियापुर गाँव का परिचय और संरचना
दरियापुर सम्भल जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर स्थित समतल और उपजाऊ भूमि वाला गाँव है। यहाँ करीब 3000 की आबादी है तथा स्कूल, मंदिर और पंचायत घर जैसी मूलभूत सुविधाएँ मौजूद हैं।
लुहाच परिवार का आगमन और इतिहास
ज्ञानपुर वंशावली के अनुसार, जहांगीर लुहाच की पत्नी छन्नों देवी 1930 में पिता की संपत्ति मिलने पर यहाँ आकर बसीं। वर्तमान में इस परिवार के पास 110 बीघा जमीन है और उनकी 39वीं पीढ़ी चल रही है।
01दरियापुर गाँव का परिचय और संरचना
दरियापुर गाँव का इतिहास
दरियापुर गाँव पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले का एक मध्यम आबादीवाला गाँव है। यह जिला मुख्यालय से 16 किलो मीटर दूर स्थित है। इसके पूर्व में दुलेपुर उर्फ दारापुर, दक्षिण में बाबू खेड़ा, उत्तर में मातीपुर धकतोड़ा, पश्चिम में धाकिया और सैदपुर गाँव की सीमा लगती है। सभी सीमावर्ती गाँवोंसे पक्की सड़क से संपर्क है। इस गाँव में दो बार चकबंधी हो चुकी है। पहले 1956 ईस्वी में और बाद में 1992 ईस्वी में हुई थी। गाँव का कुल रकबा 4000 बीघा है। इसमें से लुहाच परिवार के पास 110 बीघा जमीन है। जमीन समतल और उपजाऊ है। दरियापुर की कुल आबादी लगभग 3000 लोगों की है जिसमें से लुहाच परिवार के केवल 15 लोग रहते हैं। इस गाँव में लुहाच के अलावा झल्ली,चीमा और मंडेर गौत्र के लोग रहते हैं। इस गाँव में 1 मंदिर, 1 प्राथमिक स्कूल, 1 माध्यमिक स्कूल और 1 पंचायत घर है।
02लुहाच परिवार का आगमन और इतिहास
ज्ञानपुर गाँव की वंशावली के मुताबिक पीढ़ी संख्या 34 के जहांगीर लुहाच सपरिवार इस गाँव में आए थे। जहांगीर की शादी दरियापुर में हुई थी। उसकी पत्नी चननों देवी के कोई भाई नहीं था। इस कारण से वह अपने पिता की जायदाद की मालिक बन गई। छन्नों देवी 1930 ईस्वी में सपरिवार ज्ञानपुर से दरियापुर आकर रहने लगी। उसको 65 बीघा जमीन अपने पिता से मालिकाना हक के तौर पर मिला था। बाद में मेहनत करके 45 बीघा जमीन और खरीद ली। इस प्रकार इस परिवार के पास अब 110 बीघा जमीन है। इस गाँव में लुहाच परिवार की 39 वीं पीढ़ी चल रही है।
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