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कबूलपुर

रोहतक · हरियाणा

रोहतक जिले का कबूलपुर एक बड़ा गाँव है, जो अपनी सीमाओं, बुनियादी सुविधाओं और बसावट के सफर को सहेजे हुए है। स्थानीय अभिलेख बताते हैं कि यहाँ लुहाच गोत्र के साथ-साथ अन्य बिरादरियों का ताना-बाना कैसे विकसित हुआ।

3 अनुच्छेद0 तस्वीरेंगाँव की वंशावली →
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कबूलपुर गाँव में दो पाना—दरकान पाना और भगत पाना—हैं और इसकी सिंचाई मुख्य रूप से नहरी तंत्र से होती है।

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गाँव में लगभग 5000 की आबादी है और यहाँ स्कूल, अस्पताल, चौपाल और मंदिर जैसी कई सार्वजनिक सुविधाएँ मौजूद हैं।

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नीमली गाँव की वंशावली के अनुसार, लुहाच गौत्र के सरभू राम लगभग ईस्वी में कबूलपुर आकर बसे थे।

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गाँव का परिचय और बुनियादी ढाँचा

कबूलपुर रोहतक जिले का एक बड़ा गाँव है जो पक्की सड़कों और नहरों से जुड़ा हुआ है। यहाँ लगभग 5000 लोग रहते हैं और गाँव में स्कूल, अस्पताल, चौपालें तथा कई गौत्रों के परिवार मौजूद हैं।

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लुहाच गौत्र के बसने का इतिहास

नीमली गाँव के रिकॉर्ड के अनुसार, सरभू राम का विवाह कबूलपुर में डागर गौत्र की श्यामा कुमारी से हुआ था। पारिवारिक कारणों से उनके ससुर ने उन्हें जमीन देकर कबूलपुर में बसाया, जहाँ से लुहाच गौत्र की पीढ़ी आगे बढ़ी।

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