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गुगाहेड़ी

रोहतक · हरियाणा

रोहतक जिले की महम तहसील में स्थित गुगाहेड़ी गाँव का अपना ऐतिहासिक सफर रहा है। अभिलेखों के अनुसार, विभाजन के बाद स्वतंत्रता सेनानियों, शरणार्थियों और नए किसान परिवारों के पुनर्वास ने इस गाँव को फिर से बसाया और सँवारा।

13 अनुच्छेद0 तस्वीरेंगाँव की वंशावली →
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विभाजन से पूर्व गाँव में मुस्लिम आबादी थी और लगान संकट के दौरान जमीन सेठ महताब सिंह को मिली थी।

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के बाद स्वतंत्रता सेनानियों और शरणार्थियों को यहाँ जमीनें आबंटित की गईं।

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गिरावड़ से आए लुहाच परिवारों और अन्य गाँवों के किसानों ने जमीनें खरीदकर गाँव को फिर से बसाया।

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गाँव का परिचय और शुरुआती इतिहास

गुगाहेड़ी रोहतक जिले में स्थित है और आसपास के गाँवों से पक्की सड़कों से जुड़ा है। विभाजन से पूर्व अकाल के समय सेठ महताब सिंह ने कर चुकाकर गाँव की भूमि प्राप्त की थी।

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विभाजन और पुनर्वास

1947 में मुस्लिम परिवारों के जाने के बाद चार स्वतंत्रता सेनानियों और हिन्दू शरणार्थियों को जमीनें आबंटित की गईं। सेठ के बेटे ने विशाल कोठी बनवाई और बाद में अपनी जमीनें बाहर से आने वाले किसानों को बेचना शुरू किया।

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लुहाच परिवार का आगमन

गिरावड़ के सूबेदार चुन्नी लाल लुहाच ने ब्रिटिश सेना से सेवानिवृत्त होकर 1956 में सेठ से 22 एकड़ जमीन खरीदी। इसके बाद उनका परिवार गुगाहेड़ी आकर बसने लगा।

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गाँव का विस्तार और वर्तमान स्थिति

रामानन्द लुहाच के बेटों और गोधा राम के अन्य भाइयों ने भी यहाँ जमीनें खरीदीं और बस गए। अभिलेख के अनुसार, आज गाँव में लुहाच परिवार के पास सर्वाधिक जमीन है और दूहन गोत्र की आबादी सबसे अधिक है।

हर परिवार की कहानी मायने रखती है।

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